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श्री प्रमोद सिंह

श्री प्रमोद सिंह जी का जन्म 2 जनवरी 1970 को बत्तूखेड़ा, अजगैन ( उन्नाव) में हुआ । इनकी प्रारम्भिक शिक्षा बत्तूखेड़ा, अजगैन ( उन्नाव) में हुई है। अपने कालेज के दिनों से ही ये राजनैतिक रूप से सक्रिय रहें हैं। इनके दादा स्वर्गीय महेश सिंह भारतीय स्वतंत्रता सेनानी एवं सामाजिक कार्यकर्ता थे, उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन गाँव वासियों की प्रगति एवं उत्थान के लिए समर्पित कर दिया, वो अपनी अंतिम सांस तक ग्राम प्रधान के पद पर रहते हुए गाँव की भलाई करते रहे । प्रमोद सिंह के बड़े भाई प्रवेश सिंह जो विगत 15 वर्षों से जिला पंचायत सदस्य रहें, जिनके व्यक्तित्व का बड़ा प्रभाव इनके उपर पड़ा . ये अपने दादा महेश सिंह जो कि स्वतंत्रता सेनानी थे को अपना प्रेरणा स्तोत मानते हैं अपने दादा जी के पद चिह्नों पर चलते हुए ये समाज सेवा को ही अपने जीवन का अंतिम लक्ष्य बना लिया है ।

प्रमोद सिंह ने गरीब एवं अक्षम लोगों की मदद के लिए " राजीव बेलफेसर " सोसाइटी की स्थापना की जिसके अंतर्गत प्रतिवर्ष सैकड़ों असहाय लोगों को निःशुल्क चिकित्सा एवं दवायें उपलब्ध करायी जाती है प्रमोद सिंह के नेतृत्व में निशुल्क हेल्थ चेक- अप और गरीबों को खाद्यान्न का वितवरण किया जाता है 1 covid - 19 महामारी के दौरान इन्होंने राजकीय राजमार्ग संप्पा 25 पर कैम्प लगाकर प्रवासी मजदूरों को खाना उपलब्ध करवाया। अपने विधानसभा क्षेत्र में 5000 लोगों को 90 दिनों तक तिः स्वार्थ भाव से असहाय एवं मजबूर लोगों के लिए खाधान्न उपलब्ध करवाया .

कोविङ से बचाव के लिए हरदोई में लगभग 4 लाख लोगों को मास्क एवं सेनेटाइजर का वितरण करवाया, महामारी के दौरान अपने रोजगार से हाथ धो बैठे गरीब लोगों को सेक्षण के लिए रोजगार की व्यवस्था की प्रमीद सिंह जी ने अपने क्षेत्र में शिक्षा के उत्पान के लिए दो-दो महाविद्यालयों की स्थापना की, जिसमें गरीब तबके की बालिकाओं बालकों को निःशुल्क शिक्षा दी जाती है। सण्डीला विधान सभा क्षेत्र में किसानों के के लिए प्रति वर्ष इनकी 'राजीव सोसाइटी उत्पान नामक संस्था के द्वारा निःशुल्क उर्वरक एवं उन्नत किस्मों के बीजों का वितरण किया जाता है, जिसकी वजह से गरीब किसानों की आप में अच्छी खासी बढ़ोतरी हुयी है इनके द्वारा सण्डीला में कोल्ड स्टोरेज एवं वेक्ट हाउस की स्थापना की गयी जिसमें निःशुल्क खाधानों का भण्डारण किया जाता है, जिसकी वजह से बारहों मास क्षेत्र में खाधान्न की कमी नहीं होती है, किसानों का जीवन खुशहाल हो गया है ।

सामाजिक कार्य की शुरुवात

इनकी प्रारम्भिक शिक्षा बत्तूखेड़ा, अजगैन ( उन्नाव) में हुई है। मगर जब वो अपने कॉलेज में गए , उनका रुझाव समाज कल्याण की तरफ बढ़ने लगा। समाज कल्याण के साथ-साथ उनका रुझान और राजनीति में भी बढ़ने लगा और वह अपने कॉलेज के दिनों से ही राजनीतिक रूप से सक्रिय हो गय।
इनके दादा जी स्वर्गीय महेश सिंह भारतीय स्वतंत्रता सेनानी एवं सामाजिक कार्यकर्ता थे, उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन गाँव वासियों की प्रगति एवं उत्थान के लिए समर्पित कर दिया, वो अपनी अंतिम सांस तक ग्राम प्रधान के पद पर रहते हुए गाँव की भलाई करते रहे ।
अपने दादा को प्रेरणा स्रोत मानते हुए और उनके पद चिन्हों पर चलते हुए वे समाज सेवा को ही अपने जीवन का अंतिम लक्ष्य बनाया लिया है । इनके बड़े भाई प्रवेश सिंह जो विगत 15 वर्षों से जिला पंचायत सदस्य रहें, जिनके व्यक्तित्व का बड़ा प्रभाव भी इनके उपर पड़ा है ।

सामाजिक कार्य

प्रमोद सिंह जी ने गरीब एवं अक्षम लोगों की मदद के लिए " राजीव बेलफेसर " सोसाइटी( Rajiv Welfair Society ) की स्थापना भी की है । जिसके अंतर्गत प्रतिवर्ष सैकड़ों असहाय लोगों को निःशुल्क चिकित्सा एवं दवायें उपलब्ध करायी जाती है और गरीबों मे खाद्यान्न का वितवरण भी किया जाता है।
कोरोना (covid - 19) जैसे महामारी के दौरान भी इन्होंने राजकीय राज मार्ग संप्पा 25 पर कैंप लगाकर प्रवासी मजदूरों को खाना भी उपलब्ध कराया और साथ में अपने विधानसभा क्षेत्र के 5000 लोगों को लगभग 3 महीने तक निस्वार्थ भाव से असहाय एवं मजदूर लोगों के लिए खाधान्न भी उपलब्ध करवाया।
कोविङ से बचाव के लिए हरदोई में प्रमोद सिंह जी ने लगभग 4 लाख से ज्यादा लोगों को मास्क एवं सेनेटाइजर का वितरण किया और साथ साथ महामारी के दौरान अपने रोजगार से हाथ धो बैठे गरीब लोगों को सेक्षण के लिए रोजगार की व्यवस्था भी की गई ताकि वह अपना जीवन यापन कर पाए।
शिक्षा के उत्थान के लिए दो-दो महाविद्यालयों की स्थापना की गई , जिसमें गरीब तबके की बालक - बालिकाओं को निःशुल्क शिक्षा दी जाती है।
सण्डीला विधान सभा क्षेत्र में किसानों के लिए प्रति वर्ष इनकी 'राजीव सोसाइटी उत्पान नामक संस्था के द्वारा निःशुल्क उर्वरक एवं उन्नत किस्मों के बीजों का वितरण किया जाता है, जिसकी वजह से गरीब किसानों की आय में अच्छी खासी बढ़ोतरी हुई है।
कोल्ड स्टोरेज एवं वेक्ट हाउस की स्थापना की गयी जिसमें निःशुल्क खाधानों का भण्डारण किया जाता है, जिसकी वजह से बारहों मास क्षेत्र में खाधान्न की कमी नहीं होती है जिसके कारण किसानों का जीवन खुशहाल हो गया है ।

राजनीतिक कार्य

सन २०१४ में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी से प्रभावित हो कर राजनीत में सक्रिय हुए। मोदी जी के गुजरता माडल को संडीला में जन जन तक पहुचाने के लिए दिन रात जन संपर्क किया।
संघ की विचारधारा से काफ़ी प्रभावित हैं और संघ के विभिन कार्यक्रमों और सखाओं में सक्रिय रहते हैं। 2014 से संघठन के प्रत्येक कार्यक्रम में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया । मोदी और योगी सरकार की योजनाओं का लाभ और उपलब्धियों को संडिला में जन जन तक पहुँचने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ दिन रात सक्रिय रहे।
सन 2020 में CAA के समर्थन में संडिला में बहुत बड़ी जनसभा और रोड शो का भी आयोजन किया गया।
किसान बिल के महत्व और लाभ को किसानों को समझाने के लिए कई किसान गोष्ठी का आयोजन किया और किसानों में जागरूकता फैलाई।
भाजपा संगठन को मजबूत करने हेतु संगठन द्वारा चलाए गए विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन में अपने क्षेत्र में सक्रिय भूमिका भी निभाई ।

Short Biography

श्री प्रमोद सिंह , अपने क्षेत्र के कर्मठ एव जुझारू व्यक्तिल व्यक्ति है, जो अपने लोगों की भलाई के लिए दिन-रात हर परिस्थिति में तत्पर रहते हैं।

2 जनवरी 1970

जन्म :

सण्डीला विधान सभा के गांव हरदोई मैं जन्म हुआ ।

5 June, 1990

शिक्षा

प्रारम्भिक शिक्षा बत्तूखेड़ा, अजगैन ( उन्नाव) में हुई.

10 May, 1995

परिवार :

पत्नी: सुनीत सिंह ( प्रभूता सिंह) ग्रहणी
संतान: 2 पुत्र , 1 पुत्री
1: डॉक्टर आयूशी सिंह (डॉक्टर)
२: विदुशी सिंह ( लॉ की छात्रा)
३: अखण्ड शक्ति सिंह ( प्रबन्ध के छात्र)

January, 2014

राजनीत

सन २०१४ में नरेन्द्र मोदी जी से प्रभावित हो सक्रिय राजनीत में आए.. मोदी के गुजरता माडल को संडीला में जन जन तक पहुचाने के लिए दिन रात जन संपर्क किया।

“मेरी एक ही इच्छा है कि भारत एक अच्छा उत्पादक हो और इस देश में कोई अन्न के लिए आंसू बहाता हुआ भूखा ना रहे.”

सरदार वल्लभ भाई पटेल

"डरते तो वह है जो अपनी छवि के लिए मरते हैं। और मैं तो भारत की छवि के लिए मरता हूं। इसीलिए किसी से भी नहीं डरता हूं।"

नरेंद्र मोदी

"अमावस के अभेद्य अंधकार का अंतःकरण पूर्णिमा की उज्ज्वलता का स्मरण कर थर्रा उठता है ।"

अटल बिहारी वाजपेयी